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.......फ़िर आज तिरंगा छाया है।

Posted On: 14 Aug, 2010 Others,मस्ती मालगाड़ी में

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TIRANGA

देख़ो भारतवालो देख़ो, फ़िर आज तिरंगा छाया है।

है पर्व देश का आज यहाँ, ये याद दिलाने आया है।

रंग है केसरीया क्रांति का, और सफ़ेद है जो शांति का।

हरियाला रंग है हराभरा, पैग़ाम देशकी उन्नति का।

अशोकचक्र ने भारत को प्रगति करना जो सिखाया है।

देख़ो भारतवालो देख़ो ।

वो वीर सिपाही होते हैं,सरहद पे शहीदी पाते है।

वो भारत के शुरवीर शहीद सम्मान राष्ट्र का पाते है।

वो बडे नसीबोंवाले है, मरने पर जिन्हें उढाया है।

देख़ो भारतवालो देख़ो।

हम वादा करते है हरदम, सम्मान करेंगे इसका हम।

चाहे जो जान चली जाये, पीछे ना हटेंगे अपने क़दम।

जन-गण-मन गीत सभी ने फ़िर एक ऊंचे सुर में गाया है।

देख़ो भारतवालो देख़ो।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक, बंगाल से कच्छ की ख़ाडी तक।

उत्तर से दक्षिण, पष्चीम से पूरब की हर हरियाली तक।

हर और तिरंगा छाया है, और भारत में लहराया है।

देख़ो भारतवालो देख़ो।

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12 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

vijendrasingh के द्वारा
August 18, 2010

आपकी कविता हर देश प्रेमी को प्रेरणा देगी !

    razia mirza के द्वारा
    August 19, 2010

    शुक्रिया विजेन्द्रजी

आर.एन. शाही के द्वारा
August 16, 2010

देशभक्ति की रचनाओं में आपका जवाब नहीं रज़िया जी … नाक़ाबिलेतारीफ़ ! बधाई ।

    razia mirza के द्वारा
    August 19, 2010

    शुक्रिया शाही साहब आपकी कमेन्ट के लिए|

Ramesh bajpai के द्वारा
August 16, 2010

रजिया जी अच्छी अभिव्यक्ति बधाई

    razia mirza के द्वारा
    August 19, 2010

    आभार रमेशजी

R K KHURANA के द्वारा
August 15, 2010

प्रिय रज़िया जी, सुंदर कविता के लिए साधुवाद ! राम कृष्ण खुराना

    razia mirza के द्वारा
    August 19, 2010

    शुक्रिया खुराना भाई साहब

ajay verma के द्वारा
August 14, 2010

आज शाम से ही काफी अच्छे अच्छे विचार पढने को मिले पहले एक लेख, मासूम को सजा और इस लिंक पे http://piyushpantg.jagranjunction.com और फ़िर http://listenme.jagranjunction.com/2010/इस लिंक पर आज तिरंगा छाया है। जैसे लेख पढ़े अच्चा लगा. जहा एक और मासूम को सजा से आँख नाम हो आये वही आपके और आज तिरंगा छाया है जैसे लेखों से साहस सा मिला. की इस देश को चाहने वालो के विचारों में अभी भी गर्मी है….. अच्छे लेखो के लिए आप सभी को शुक्रिया……..

    razia mirza के द्वारा
    August 19, 2010

    बहोत बहोत आभार हमें इनस्प्य्रे करने के लिए अजयजी

RASHID के द्वारा
August 14, 2010

बहुत दिनों के बाद आपकी कविता देखने को मिली ,,,, उम्मीद है इन छुट्टियों में आप की कुछ अच्छी रचनाये देखने को मिलेगी http://rashid.jagranjunction.com

    razia mirza के द्वारा
    August 19, 2010

    रशीद साहब शुक्रिया , पर आज वक़्त मिला नेट पर आगई वर्ना वक़्त बहोत busy रहता है.कोशिश करुँगी लिखते रहने की दुआ करना


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